
शिमला। नगर निगम को ऑनलाइन करने की मुहिम पर फिर ब्रेक लग गई है। एक क्लिक से काम निपटाने की मुहिम का इंतजार और बढ़ गया है। ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट के लिए दो कंपनियों ने आवेदन किया है। नगर निगम ने इसके लिए फाइनेंशियल और टेक्निकल बिड की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी लेकिन, उद्योग विभाग से जारी हुई अधिसूचना ने इस प्रोजेक्ट में पेंच फंसा दिया है। अधिसूचना के मुताबिक अगर किसी प्रोजेक्ट को लेने के लिए दो कंपनियां आवेदन करती हैं तो संबंधित विभाग टेंडर अवार्ड नहीं कर सकता। इसके लिए सरकार से अनुमति लेनी होगी। इसी कड़ी में नगर निगम प्रशासन ने ई-गवर्नेंस मामले की फाइल सरकार को भेज दी है। ऐसे में अगर सरकार अनुमति नहीं देती है तो आवेदन मंगवाने की पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से आरंभ करना पड़ेगा। इसमें कई और माह का समय लगना भी निश्चित है।
ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट शुरू से ही विवाद में रहा है। साल 2011 में इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी। प्रोजेक्ट के लिए बजट 11 करोड़ रुपये साल 2012 में जारी हुआ। नगर निगम ने प्रोजेक्ट को अवार्ड करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की। कई कारणों के चलते इसे रद्द कर दिया गया। दोबारा से टेंडर अवार्ड करने की कवायद शुरू हुई। इसी दौरान महापौर, उपमहापौर सहित माकपा पार्षदों ने प्रोजेक्ट को नेशनल इंफोरमेटिक सेंटर (एनआईसी) को देने की बात कही। कांग्रेस और भाजपा के पार्षद एनआईसी के विरोध में खड़े हो गए। मामला निगम सदन तक पहुंचा। सदन में प्रोजेक्ट को ओपन टेंडर के जरिये देने का प्रस्ताव पारित हुआ। प्रशासन ने प्रस्ताव के मुताबिक टेंडर अवार्ड करने की प्रक्रिया शुरू की। दो निजी कंपनियों ने इसके लिए आवेदन किया। उद्योग विभाग की अधिसूचना ने प्रोजेक्ट अवार्ड करने की प्रक्रिया को रोक दिया है। निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने बताया है कि इस संदर्भ में सरकार से अनुमति मांगी गई है।
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वार्डों में कर सकेंगे भुगतान
ई- गवर्नेंस प्रोजेक्ट के शुरू होने से नगर निगम शिमला के वार्डों में भी बिलों के भुगतान की सुविधा प्राप्त होगी। वार्ड कार्यालयों का कंप्यूटरीकरण होगा। सभी वार्डों के कार्यालयों को निगम के मुख्य कार्यालय से जोड़ा जाएगा।
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म्यूनिसिपल अकाउंट नंबर मिलेगा
नगर निगम शिमला से संबंधित शिकायतों को भी वार्ड कार्यालय के माध्यम से दर्ज कराया जा सकेगा। इसके लिए शहर के लोगों को म्यूनिसिपल अकाउंट नंबर दिया जाएगा। उस नंबर से ही लोग अपने बिलों और टैक्स का भुगतान करेंगे।
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फाइल का स्टेट्स भी जांच सकेंगे
ई-गवर्नेंस योजना के चालू होने के बाद शहर के लोग नगर निगम से जुड़े अपने कामकाज का स्टेट्स भी आनलाइन जांच सकेंगे।
